अब न प्यार रहेगा, न कोई दर्द, बस तन्हाई ही तन्हाई होगी।
अब उन ही चीज़ों में दर्द और ग़म छुप गए हैं।
मेरे ख्वाबों में भी तेरी सूरत बसी हुई है,
कभी लगा था तुमसे दूर हो कर जी नहीं सकते,
यादें वो आईना हैं जिन्हें मिटा नहीं सकते,
आंसू छुपा रहा हूँ तुमसे दर्द बताना नहीं आता
कोई पूछे कि कैसे हो, तो दिल करता है कह दूं, जो तूने किया, वैसा हूँ!
रिश्ते निभाने की उम्मीद हमसे ही क्यों,
किसी को पाने की चाहत में इतना मत डूबो, कि जब वो छोड़ कर जाए तो तुम खुद को खो दो।
क्या सच में तुमसे बिछड़कर जीने का कोई तरीका है?
मुझे रोता देखकर वो हंस दिया, काश! मेरा दर्द ही मेरी खुशी होती।
किसने छुप के या खुलेआम किया प्यार नहीं।
दिल Sad Shayari से खेलना आता है तुझे, मोहब्बत नहीं, बस शौक था तेरा।
और तो और ये दिमाग है जो ये मानने को तैयार ही नही है,